Ads

Breaking News

यूपी में योगी सरकार का बड़ा फैसला मॉब लिंचिंग में मौत होने पर आजीवन कारावास की सजा

यूपी में योगी सरकार का बड़ा फैसला मॉब लिंचिंग में मौत होने पर आजीवन कारावास की सज़ा. देश भर में हो रही मॉब लिंचिंग की घटनावो को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद गंभीरता से लिया है. उनकी पहल पर राज्य की ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए सख्त सजा का प्रावधान किया है. इसमें मॉब लिंचिंग के दोषियों को सात साल से लेकर उम्र कैद तक की सजा की सिफारिश की गई है. इसके साथ ही काम में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारी या जिलाधिकारी को भी कम से कम तीन साल की सजा देने की बात कही है.

देखा जाये तो मॉब लिंचिंग की घटनाये साल 2012 से 2019 से आंकड़ों पर नजर डालें तो यूपी में मॉब लिंचिंग के 50 मामले सामने आए हैं. इसमें से 11 में पीड़ित की मौत हो गई. 25 बड़े मामलों में गोरक्षकों द्वारा हमले भी शामिल थे. कानून आयोग की सचिव सपना चौधरी का कहना है कि आयोग ने गहराई से अध्ययन करने के बाद इस जरूरी कानून की सिफारिश की है.





यह भी पढ़ें:  धोनी के रिटायरमेंट पर शोएब अख्तर ने दिया बड़ा बयान देखें!

इस रिपोर्ट में यूपी में मॉब लिंचिंग के अलग-अलग मामलों का जिक्र है. इसमें 2018 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा की गई सिफारिशों के आधार पर कानून को तत्काल लागू करने की संस्तुति की गई है. आयोग ने रिपोर्ट में इस बात का खासतौर पर जिक्र किया है कि वर्तमान कानून मॉब लिंचिंग से निपटने में सक्षम नहीं है.




उत्तर प्रदेश में आयोग ने मॉब लिंचिंग की प्रकृति के अनुरूप अपराधी को 7 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का सुझाव दिया है. आयोग ने कहा है कि इस कानून को उत्तर प्रदेश मॉब लिंचिंग निषेध एक्ट नाम दिया जा सकता है.
आयोग ने अपनी रिपोर्ट में पुलिस अधिकारियों और जिला अधिकारियों की जिम्मेदारियों को भी निर्धारित किया है. साथ ही कहा गया है कि पीड़ित व्यक्ति के परिवार को चोट या जान-माल के नुकसान पर मुआवजे का भी प्रावधान होना चाहिए.



दोस्तों आपको क्या लगता है क्या ऐसा कानून बनना चाहिए या नहीं हमें कमेंट बॉक्स में ज़रूर बताएं!