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मरकज़ ने दिल्ली Police को किया बेनकाब: इज्तेमा के बाद फंसे लोगों को नहीं दिया था वाहन पास.



मरकज़ ने दिल्ली Police को किया बेनकाब: इज्तेमा के बाद फंसे लोगों को नहीं दिया था वाहन पास.


देश में कोविड-19 के मामले बढ़कर गुरुवार को 1,965 हो गए और वहीं इससे अब तक 50 लोगों की जान जा चुकी है. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश में कोरोना वायरस से अभी 1,764 लोग संक्रमित हैं. जबकि 150 लोग वे हैं, जिन्हें या तो इलाज के बाद छुट्टी मिल चुकी है या दूसरे देश जा चुके हैं. पिछले 24 घंटे में 328 नए मामले (कल के दोपहर के आंकड़े के आधार पर) सामने आए हैं. वहीं, पिछले 24 घंटे में 12 लोगों की मौत हुई है.





दिल्ली पुलिस को तबलीगी जमात ने बाजाब्ता आवेदन दे कर आग्रह किया था कि लाकडाउन में उनके एक हजार लोग फंसे हैं..

देश पर आई कोरोना विपदा के बाद देश प्रधानमंत्री से लेकर आम जनमानस चिंतित है। इसके लिए पूरे देश को लॉकडॉउन किया गया है। केंद्र से लेकर राज्य सरकारें घरों में लॉक असहाय लोगों के लिए पूरी तरह से तत्पर है। घर में रहने की अपील के साथ खाने पीने रहने आदि सभी व्यवस्थाएं जुटाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जा रही है।





दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में एक हजार लोगों के फंसे होने पर तबलीगी जमात ने प्रमाणिक दस्तावेज पेश कर प्रशासन की लापरवाही को बेनकाब कर दिया है. तबलीगी जमात ने लाकडाउन के कारण फंसे 1000 लोगों को निकालने के लिए निजामुद्दीन थाने के एसएचओ को लिखित आवेदन दिया था. आवेदन में उनकी गाड़ियों के लिए कर्फ्यु पास निर्गत करने का आग्रह किया गया था. लेकिन पुलिस प्रशासन ने इस आवेदन पर कोई कार्वाई नहीं की.





तबलीगी जमात के मोहम्मद युसुफ के इस आवेदन पत्र को निजामुद्दीन थाना के अधिकारी ने बाजाब्ता रिसिव किया था. इसके बावजूद उन्हें कर्फ्यु पास निर्गत नहीं किया गया. एक जगह पर एक हजार लोगों के फंसे होने के कारण कोरोना संक्रमण बड़ी तेजी से फैलने का खतरा था. खबरों के अनुसार निजामुद्दीन के इलाके में कोई 200 लोगों में कोरोना जैसे लक्षण पाये गये. हालांकि तबलीगी जमात के द्वारा जब, पुलिस अफसरान के साथ हुए पत्राचार को सार्वजनिक कर दिया है तो अब पुलिस प्रशासन की लापरवाही सामने आ गयी है.